naaw

नीयत का फल

नीयत का खेल है कुछ एस तरह निरालाअकसर चिराग तले ही होता है अंधेरा नीयत ही आपकी नीयती तय करती हैयाद रहे ऊपरवाला नीयत देखता है. नुमाइश नही नीयत रखो नेक, तो कभी झुकना नहीं पडेगाना किसी की नजरो में, Read more

cell-phone

मोबाइलनामा

मोबाइल के आने से, कई हो गए हैं पागलजीने का यही जरिया हो गया है आजकल। उंगलियाँ ही निभा रही हैं सभी रिश्तेजुबान को वक्त ही नहीं किसी के वास्ते। सब टच में बिजी हैं, मगर टच में कोई नहींक्या Read more

faramosh

फरामोश

काम हो जाने पर भूल जाना, ये दस्तूर है पुरानाफिर भी काम करते रहना, शायद मिलेगा कोई खजाना दो चीजे नहीं भूलती, चाहे कितना भी भुलाओएक होता है घाव , और दूसरा है लगाव जो भूलना चाहिए , वो रह Read more

Flower

नज़र का नज़रिया

नज़र अगर हो नेक, तो मिल जाता है साहिल, खुद में झाँको तो पता चलता है तुम ही हो सबसे क़ाबिल।। जो बात ज़ुबान न कह सकी, वो नज़रों ने कह डाली, ज़िंदगी में एक फूल के अक्सर होते हैं Read more

portal

पहचान

अपने ही अक्सर करते है, अपनोंका अपमान ।भुलादेके आगे बढना, ये रखो आपकी पहचान ॥ सुख दुख के समुंदर मे बहती है जीवन की नैय्या ।कश्ती वो डुबती नहीं, जिसे आशिर्वाद देनेवाली होती है मैय्या ॥ क्रोध, लोभ, मत्सर से Read more

safar

सफर

जीवन के सफर को जारी रखियेमरने की भी मगर तैयारी रखिये दिल से काम लीजे दिमाग़ से नहींसर को ना इतना भारी रखिये वक़्त आने पे मिल ही जायेगाइतनी भी ना बेकरारी रखिये बेवफ़ा है वो तो बेवफ़ा ही सहीआप Read more